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Showing posts from December, 2020

EPFO ने PF खाते में 8.5% ब्याज जमा करनी शुरू की, कल से बैलेंस चेक कर सकते हैं खाताधारक

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रिटायरमेंट फंड बॉडी एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड (PF) खाते में 8.5% की दर से ब्याज करनी शुरू कर दी है। यह ब्याज दर वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जमा की जा रही है। EPFO के करीब 6 करोड़ सदस्यों के खातों में यह राशि जमा की जाएगी। श्रम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। 31 दिसंबर 2020 तक रिटायर होने वालों को भी मिलेगा लाभ श्रम मंत्री संतोष गंगवार का कहना है कि हमने EPF सब्सक्राइबर्स के खातों में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 8.5% की दर से ब्याज जमा करने को लेकर नोटिस जारी कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 31 दिसंबर 2020 तक रिटायर होने वाले सभी सदस्यों को इसका लाभ सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। EPFO ने वित्त मंत्रालय को 8.5% ब्याज दर दो किस्तों में देने का प्रस्ताव दिया था। EPFO ने कहा था कि 8.15% वाली किस्त सदस्यों के खाते में तुरंत डाल दी जाए और बाकी 0.35% वाली किस्त बाद में डाली जाए। लेकिन अब श्रम मंत्रालय पूरी ब्याज एक किस्त में ही जमा कर रहा है। कैबिनेट ने सोमवार को ही दी थी मंजूरी EPFO की अपेक्स बॉडी सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस...

डीलशेयर के साथ बदल रही है इंडिया की किराना शॉपिंग की आदत

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आधुनिक दौर में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बहुत ही बढ़ गया है ऐसे में कोरोना के चलते पिछले कुछ महीनों में हमने कई बदलाव देखे हैं। इनमें से सबसे बड़ा बदलाव लोगों की खरीददारी, यानी सामान खरीदने के पैटर्न में आया है। बाजारों में भीड़ से बचने के लिए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए लोगों नें ऑनलाइन शॉपिंग को अपनी रोजमर्रा की ज़िन्दगी में उतार लिया है । इसी के चलते ऑनलाइन ग्रोसरी यानी किराना की शॉपिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। इनमें से जो कस्टमर की हर उम्मीदों पर खरा उतरा है वो डीलशेयर है। डीलशेयर 20 लाख से भी ज्यादा हैप्पी कस्टमर्स द्वारा भरोसा किया गया एक ऑनलाइन किराना शॉपिंग ऐप्प है, जो फ्री और जल्दी डिलीवरी करता है। साथ ही डीलशेयर क्षेत्रीय निर्माताओं और ब्रांडों के साथ काम करता है, जहां दाम थोक मूल्यों की तुलना में सस्ते होते हैं। अगर हम केवल इस फेस्टिव सीजन की बात करें तो शोध फर्म रेडसीर की एक रिपोर्ट के अनुसार इस सीजन में ई-प्लेटफॉर्म्स के जरिए खरीददारी में बीते साल के त्योहारी सीजन की तुलना में 65 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान कुल मिलाकर 830 करोड़ डॉलर, यानी करीब...

एक्सरसाइज और परिवार को समय देने से तनाव कम होता है, हफ्ते में 50 घंटे से ज्यादा काम घटाता है प्रोडक्टिविटी

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जब आप तनाव में हों या फिर आपके पास करने के लिए कोई काम न हों, तो ऐसे वक्त में आपको क्या करना चाहिए? इसके बारे में बेस्ट सेलिंग बुक इंटेलिजेंस 2.0 और टैलेंट स्मार्ट के को-फाउंडर ट्रैविस ब्राडबेरी 10 तरीके बता रहे हैं। जिनके जरिए आप अपने तनाव को दूर कर सकते हैं और बेहतर जिंदगी जी सकते हैं। इन तरीकों को आप रेगुलर प्रैक्टिस में लाकर किसी भी जुनून का पीछा कर सकते हैं। ट्रैविस कहते हैं कि ये तरीके हमें अपने गियर को शिफ्ट करने में मदद करते हैं। ये हमें आराम और अपने कामकाज में बदलाव का मौका भी देते हैं। इन 10 नियम का इस्तेमाल करके हम अपनी लाइफ में ज्यादा बैलेंस ला सकते हैं। आइए 10 ग्राफिक्स के जरिए सीखते हैं तनाव कम करने और लाइफ में बैलेंस बनाने के 10 नियम- हफ्ते में 50 घंटे से ज्यादा काम करने से प्रोडक्टिविटी घट जाती है स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक जब हम हर हफ्ते 50 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, तो हमारी हर घंटे की प्रोडक्टिविटी घट जाती है। जब हम हफ्ते में 55 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, तो हमारी प्रोडक्टिविटी इतना ज्यादा घट जाती है कि हम काम करने लायक नहीं बचते। ...

तंबाकू उद्योग के लिए 10 साल बाद आई सरकारी नीति में भी खामी, जानिए क्यों देश के 28% युवाओं को लगी ध्रूमपान की लत

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डॉयचे वेले से. तंबाकू उद्योग के दखल पर लगाम लगाने के मकसद से केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के लिए आचार संहिता बनाई है। लेकिन, 10 साल की देरी से आई इस नीति में तंबाकू उद्योग से जुड़े दूसरे मंत्रालयों को नहीं शामिल किया है। यानी इन मंत्रालयों के अधिकारियों की इस उद्योग से मिलीभगत और काली कमाई जारी रहेगी। ऐसे में सवाल यह है कि क्या नई नीति सफल हो सकेगी? कैंसर, फेफड़ों और दिल की बीमारी की मुख्य वजहों में तंबाकू एक है। भारत में इसे कई और गंभीर बीमारियों की वजह माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, तंबाकू देश में हर साल करीब 13 लाख लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार है। भारतीय तंबाकू करीब 100 देशों में निर्यात किया जाता है। भारत आज दुनिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक और निर्यातक देश है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के एक अनुमान के मुताबिक, देश के साढ़े 27 करोड़ यानी 15 साल से ज्यादा उम्र के साढ़े 28% लोगों को धूमपान की लत है। तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण भारत को अरबों रुपए का नुकसान हो रहा है। इसलिए सरकार द्वारा तंबाकू उद्योग से...

लॉन्च होने जा रही है IRCTC की नई वेबसाइट; अब तेजी और आसानी से कर सकेंगे टिकट की बुकिंग

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अब ट्रेन टिकट की बुकिंग कराना और भी आसान होने जा रहा है। बहुत जल्द इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की बेवसाइट नए रंग रूप में आपको नजर आएगी। दरअसल, रेल मंत्री 31 दिसंबर 2020 को दोपहर 12 बजे IRCTC की नई वेबसाइट को लॉन्च करेंगे। इस नई बेवसाइट पर टिकट बुक करना काफी आसान और तेजी से साथ होगा। यात्री आसानी से कर सकेंगे टिकट बुक रेल मंत्रालय का कहना है कि IRCTC की वेबसाइट और ऐप अपग्रेड हो जाने के बाद यात्री पहले के मुकाबले अधिक तेजी और बिना किसी झंझट के आसानी से टिकट बुक कर सकेंगे। बता दें कि वेबसाइट में अब पहले के मुकाबले ज्यादा ऐड भी दिखाई देंगे। इससे IRCTC को ज्यादा रेवेन्यू मिलने के भी आसार हैं। हर दिन होंगे 10000 से ज्यादा टिकट बुक IRCTC की नई बेवसाइट पर हर मिनट 10000 से ज्यादा टिकट बुक हो सकेंगे। इससे पहले हर मिनट 7500 टिकट बुक होते थे। रेलवे का ई-टिकटिंग वेबसाइट से यात्रियों को उनकी ट्रेन यात्रा के लिए पूरी सुविधा उपलब्ध कराने का मकसद है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today IRCTC's new website is going to be launched; Now booking...

एसिडिटी को नजरअंदाज करने से हो सकती हैं अल्सर जैसी बीमारियां; जानें कारण, लक्षण और बचने के उपाय

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क्या आपको पता है कि भारत में एसिडिटी से कितने लोग परेशान हैं? जवाब है 25 करोड़। यह उन लोगों का आंकड़ा है, जिन्हें एसिडिटी एक परमानेंट बीमारी के तौर पर परेशान कर रही है। ऐसे लोगों का तो कोई आंकड़ा ही नहीं है, जिन्हें यह कभी-कभी होती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में एसिडिटी कितनी आम समस्या है। सर्दियों का मौसम चल रहा है, इसमें एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। लखनऊ में फिजीशियन डॉ. शिखा पांडे बताती हैं कि सर्दियों में एसिडिटी के मामले आम दिनों की तुलना में दोगुने हो जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह सर्दियों में डाइजेशन सिस्टम का स्लो हो जाना है। सर्दियों में लोगों का फिजिकल एक्सरसाइज और खान-पान को लेकर ज्यादा लापरवाह हो जाना भी इसकी एक वजह है। एसिडिटी क्या है? डॉ. शिखा के मुताबिक, हमारे पेट की ग्रंथियों द्वारा एक एसिड बनता है, इसे ऑर्गेनिक एसिड कहते हैं। जब यही एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है, तो यह हमारे लिए एक बड़ी समस्या बन जाता है। इसे ही एसिडिटी कहा जाता है। एसिडिटी की वजह से पेट में अल्सर, गेस्ट्रिक सूजन, हार्ट-बर्न और अपच जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई दवाएं भी गेस्ट्रिक ...

ब्रिटिश स्टडी में दावा- नए स्ट्रेन से 2021 में 2020 के मुकाबले ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं

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कार्ल जिमर और बेनेडिक्ट कैरी. यूके में मिले कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन के बाद दुनिया के कई देश सतर्क हो गए हैं। UK के अलावा दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया में ये स्ट्रेन मिला है। इधर, भारत में UK से आ रहे पैसेंजरों के लिए RT-PCR टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। ये नया स्ट्रेन कोरोना का नया रूप है। हाल ही में ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने नए वैरिएंट पर स्टडी पब्लिश की है, जो चिंता बढ़ाने वाली है। स्टडी में वैज्ञानिकों ने नए वैरिएंट को खतरनाक बताया है। साथ ही स्ट्रेन को रोकने के कुछ संकेत दिए है। इसमें सभी स्कूल, यूनिवर्सिटी को बंद करने और वैक्सीन के डिस्ट्रीब्यूशन में तेजी लाने की सलाह दी गई है। स्टडी के लेखक निकोलस डेविस का कहते हैं कि जिन में देशों में नया वैरिएंट मिला है, उन्हें इसे चेतावनी के रूप में लेना चाहिए। नए साल में और ज्यादा मरीज सामने आ सकते हैं डॉक्टर डेविस ने नए वैरिएंट से 6 महीने में होने वाले खतरे और इसे रोकने के मॉडल के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसे वैक्सीन के बिना रोकना संभव नहीं है। 2021 में 2020 से ज्यादा मरीज अस्पताल और आईसीयू में भर्ती हो सकते हैं। नए वैरिएंट पर एक्सपर...

JEE का नया एग्जाम पैटर्न, 75 की जगह होंगे 90 सवाल, पहली बार मिलेंगे 15 ऑप्शनल

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JEE और NEET के कॉम्पीटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे बच्चों में इसे लेकर बहुत कन्फ्यूजन थी। कब होगा, कैसे होगा, सिलेबस क्या होगा, पैटर्न और मोड क्या रहेगा? ये कुछ ऐसे सवाल थे जिसका जवाब किसी के पास नहीं था और इसके चलते बच्चों में एंग्जाइटी और तनाव देखने को मिला। किसी के पास जवाब हो भी नहीं सकता था, यह सबकुछ तय करने की जिम्मेदार सरकार और टेस्टिंग एजेंसी NTA की थी। अब सरकार और NTA ने JEE को लेकर सबकुछ तय कर दिया है। लेकिन उसमें नया क्या है? क्या है जो पिछली बार नहीं था पर इस बार के एक्जाम में होगा? कुछ चीजें बदलीं हैं जो शायद आप में से बहुतों को पता हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि JEE का एक्जाम पैटर्न बदल गया है? आपने जो सवाल NTA से पूछे थे उसका जवाब क्या है? क्या इस बार फ्री कोचिंग की व्यवस्था भी है? इंदौर में JEE की तैयारी करा रहे, विवेक शर्मा बताते हैं कि सरकार ने सिलेबस तो नहीं बदला, लेकिन पैटर्न जरूर बदल दिया, जिससे बच्चों को फायदा होगा। इस पैटर्न से टेस्ट सबके लिए फेयर हो जाएगा, जिसने पूरा सिलेबस पढ़ा है उसके लिए भी और जिसने सिलेबस पूरा नहीं पढ़ा उसके लिए भी। आपके सवालों पर NTA ने क...

जरूरत पड़ने पर बच्चे को नई जिंदगी दे सकता है गर्भनाल का ब्लड, जानें कैसे इसे सेफ रख सकते हैं

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क्या आप जानते हैं कि गर्भ में बच्चा कैसे बड़ा होता है? क्या आपने कॉर्ड ब्लड या स्टीम ब्लड सेल के बारे में सुना है? नहीं, तो हम आपको बताते हैं। यह प्रेग्नेंट महिलाओं में डेवलप होने वाला ऐसा सेल है, जिससे बच्चा बड़ा होता है। गर्भ के दौरान गर्भनाल में स्टेम सेल ब्लड फ्लो होता है। इसके दोनों हिस्सों यानी अम्बिलिकल और प्लैसेंटा से होकर यह गर्भ में पहुंचता है, जो गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में सबसे जरूरी होता है। इसे ही कॉर्ड ब्लड या स्टेम सेल ब्लड कहते हैं। यह ब्लड सेल सिर्फ महिलाओं में गर्भ के दौरान डेवलप होता है और सिर्फ गर्भनाल में ही पाया जाता है। कैसे बैंक में सुरक्षित रखा जाता है स्टीम सेल ब्लड? बच्चा गर्भ में मां के साथ गर्भनाल यानी अम्बिलिकल कॉर्ड से जुड़ा रहता है। इसी के जरिए बच्चे तक न्यूट्रिशन और ऑक्सीजन पहुंचता है। डिलीवरी के दौरान अम्बिलिकल कॉर्ड को क्लैम्प किया जाता है यानी उसमें चिमटियां लगाईं जाती हैं और फिर गर्भनाल को काटकर मां और बच्चे को अलग किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान नाल में मौजूद फ्रेश और एक्स्ट्रा स्टीम ब्लड सेल बाहर निकलने लगता है। जिसे डॉक्टर कलेक्ट कर ...

जनवरी 2021 में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखिए पूरे महीने की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

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आने वाले महीने यानी जनवरी 2021 में बैंकों में 14 दिन का अवकाश रहेगा। इसमें चार रविवार, दूसरा और चौथा शनिवार और 1 राष्ट्रीय अवकाश शामिल है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मुताबिक, बैंकों के अवकाश राज्यों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। RBI ने अंतिम समय में परेशानी से बचने के लिए ग्राहकों से कैलेंडर देखकर घर से निकलने की अपील की है। मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग जारी रहेगी RBI ने कहा है कि बैंकों के अवकाश के बावजूद इन दिनों में मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग जारी रहेगी। RBI के मुताबिक, 2021 में पूरे साल में बैंक 40 दिन से ज्यादा बंद रहेंगे। आपको बता दें कि RBI प्रत्येक साल बैंकों में अवकाश की सूची जारी करता है। हालांकि, स्थानीय कारणों से अवकाश में मामूली बदलाव संभव हैं। जनवरी में इन तारीखों पर बंद रहेंगे बैंक तारीख अवकाश राज्य 1 जनवरी न्यू ईयर पूरा देश 2 जनवरी न्यू ईयर सेलिब्रेशन आइजोल 3 जनवरी रविवार पूरा देश 9 जनवरी दूसरा शनिवार पूरा देश 10 जनवरी रविवार पूरा देश 14 जनवरी मकर संक्रांति/पोंगल अहमदाबाद, चेन्नई, गंगटोक और हैदराबाद 15 जनवरी तिरुवल्लूर डे/माघ...

घर में छोटी-मोटी चीजें खुद रिपेयर करें, यह करना सीख गए तो घर ज्यादा मेंटेन रहेगा, जानें इसके तरीके

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सर्दी अब अपने शबाब पर है। कहीं ज्यादा तो कहीं कम लेकिन, स्मॉग लगभग हर जगह छाया है। ऐसे में खुद को एयर पॉल्यूशन से बचाने की चुनौती हर किसी के सामने है। घर के अंदर प्रदूषित हवा न घुस सके इसका खास ख्याल रखना है। इसलिए इस मौसम में घर की रिपेयरिंग और भी जरूरी हो जाती है। वैसे भी हमारे घरों में छोटे-मोटे काम आते रहते हैं। जैसे- खिड़की-दरवाजों के होल को फिक्स करना, नल या शॉवर ढीले हो जाएं तो उन्हें टाइट करना, फर्नीचर को ठीक करना। हम में से ज्यादातर लोग इस तरह की रिपेयरिंग के लिए प्लंबर या मैकेनिक के भरोसे रहते हैं। ये लोग चार्ज भी अच्छा-खासा लेते है। ऐसे में अगर आप खुद इस तरह के काम सीख जाएं तो बाहरी लोगों पर निर्भरता नहीं रहेगी और घर भी दुरुस्त रहेगा। टूल बॉक्स बनाने से करें शुरुआत घर की रिपेयरिंग करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है, ऐसे टूल्स का कलेक्शन जो घर में लगे उपकरणों की मरम्मत में काम आ सके। आजकल ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर डोमेस्टिक टूल बॉक्स मिल जाते हैं। आप वहां से भी ऑर्डर कर सकते हैं या बाहर से भी ले सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि आपका टूल बॉक्स स्मार्ट हो जो हर तरह की इमरजें...

वीडियो डेट्स में सामने वाले इंसान की तरफ आकर्षित हो सकते हैं, लेकिन रियल लाइफ में कोई केमेस्ट्री नहीं होती

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कोरोना लॉकडाउन चलते लोग घरों में कैद हो गए थे। भारत में तो इमरजेंसी में ही बाहर जाने के आदेश थे। ऐसे में लोग अकेलापन महसूस करने लगे। यह ह्यूमन बिहेवियर है कि अकेले होने पर हम लोगों से बात करना चाहते हैं। किसी का साथ खोजने लगते हैं। कोरोना में वीडियो कॉल की मदद से लोग एक दूसरे जुड़ें। कई लोग एक दूसरे की तरफ अट्रेक्ट भी हुए। उन्होंने एक दूसरे के साथ वीडियो डेट्स भी की, लेकिन लॉकडाउन के बाद रियल लाइफ में इस तरह के रिलेशनशिप में किसी तरह की केमेस्ट्री नहीं देखी गई। 24 साल की अमेरिकी एक्ट्रेस सेसे बॉयकीन्स लॉकडाउन में इस तरह के एक्सपीरियंस से गुजर चुकी हैं। वह लॉकडाउन में 26 साल की एली के साथ वीडियो डेट्स कर रहीं थी। उस समय दोनों के बीच बहुत अच्छी केमेस्ट्री थी। दोनों में बातचीत इंस्टाग्राम पर शुरू हुई थी। लॉकडाउन से पहले दोनों एक थियेटर में मिली थीं। उन्हें लगता था कि दोनों आगे जाकर रिलेशनशिप में आ जाएंगी। बॉयकीन्स बताती हैं कि हम दोनों एक-दो दिन में एक दूसरे से वीडियो से चैटिंग करते थे। बाकी, समय घंटों तक फोन पर बात करते थे। कितनी कारगर ऑनलाइन डेटिंग? बॉयकीन्स बताती हैं कि चार महीने व...

10 साल में किसान विकास पत्र योजना की रकम हो सकती है डबल, स्कीम पर मिलती है सरकारी गारंटी

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अगर आप एक सुरक्षित और जीरो रिस्क वाला निवेश खोज रहे हैं, तो पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स 'किसान विकास पत्र' यानी KVP बेहतर विकल्प हो सकता है। किसान विकास पत्र भारत सरकार की एक वन टाइम इन्वेस्टमेंट स्कीम है, जहां एक तय अवधि में आपका पैसा दोगुना हो जाता है। यह देश के सभी पोस्ट ऑफिस और बड़े बैंकों में मौजूद है। इसका मेच्योरिटी पीरियड अभी 124 महीने यानी 10 साल 4 महीने है। इंडिया पोस्ट वेबसाइट indiapost.gov.in के अनुसार योजना में कम से कम एक हजार रुपए का निवेश होता है। इसके लिए अधिकतम निवेश की कोई लिमिट नहीं है, लेकिन 50 हजार रुपए से अधिक के निवेश पर पैन कार्ड की आवश्यकता होती है। इनकम प्रूफ भी है जरूरी वहीं, अगर आप 10 लाख या इससे अधिक का निवेश करना चाहते हैं तो इसके लिए इनकम प्रूफ भी जमा करना होगा। इसमें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR), सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट जैसे प्रूफ शामिल हैं। इसके अलावा पहचान पत्र के तौर पर 'आधार' भी देना होता है। खास बात यह है कि पोस्ट ऑफिस स्कीम पर सरकारी गारंटी मिलती है, यानी इसमें जोखिम की चिंता न के बराबर है। खरीद की तारीख से ढाई साल की अवधि के बा...

कोरोना से भी जानलेवा है वायु प्रदूषण; जिनके घर सड़क के पास, उन्हें बीमारियों का ज्यादा खतरा

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वायु प्रदूषण कोरोनावायरस से भी ज्यादा खतरनाक है। इसका सबूत हाल में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक रिपोर्ट में मिला है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में वायु प्रदूषण की वजह से भारत में 16.7 लाख लोगों की मौत हुई। यह आंकड़ा 2020 में देश में कोरोना महामारी से हुई कुल मौतों से करीब 12 गुना ज्यादा है। देश में कोरोना से अब तक 1.47 लाख लोगों की जान गई है। यही नहीं, वायु प्रदूषण के कारण देश को 2.60 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। फिलहाल देश में करीब 14 करोड़ लोग खराब हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 13 भारत में ही हैं। ऐसे में खराब हवा स्वस्थ लोगों को भी बीमार बना रही है और पहले से बीमार लोगों के लिए जानलेवा बन रही है। वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियां कौन सी हैं? एम्स (AIIMS) दिल्ली में रुमेटोलॉजी डिपार्टमेंट की हेड डॉक्टर उमा कुमार कहती हैं। वायु प्रदूषण से सभी तरह की नॉन कम्युनिकेबल डिजीज का खतरा होता है। हार्ट, कार्डियो वैस्कुलर, ऑटो इम्युन डिजीज का भी सबसे ज्यादा खतरा होता है। हाल ही में ब्रिटेन में हुई एक स्टडी के मुताबिक एयर प...